बिहार ने किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए फार्मर आईडी (किसान आईडी) निर्माण में 50 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य हासिल कर लिया है। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आज इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे बिहार के कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। इस महत्वपूर्ण सफलता के साथ, राज्य को केंद्र सरकार से 269.89 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता प्राप्त होगी, जिसका उद्देश्य कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करना और डिजिटल कृषि प्रणाली को मजबूत करना है।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि राज्य में फार्मर आईडी निर्माण का कार्य तीव्र गति से जारी है और अब तक 51 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बीच प्रभावी समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी को दिया। उन्होंने इस महाअभियान से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, कृषि समन्वयकों, राजस्व कर्मियों और जागरूक किसानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत लक्ष्य उन किसानों को आधार मानकर निर्धारित किया गया था, जिन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कम से कम एक किस्त प्राप्त की है। बिहार में ऐसे लाभार्थियों की संख्या 86,36,562 है, और इसी के अनुरूप चरणबद्ध लक्ष्य तय कर कार्य किया गया।
मंत्री ने जानकारी दी कि निर्धारित लक्ष्य के 25 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त करने पर राज्य को प्रथम माइलस्टोन के अंतर्गत 107.96 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई थी। अब, 50 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने पर द्वितीय माइलस्टोन के तहत 161.93 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी, जिससे कुल विशेष केंद्रीय सहायता 269.89 करोड़ रुपये हो जाएगी। यह राशि राज्य में कृषि के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री यादव ने जोर देकर कहा कि बिहार सरकार किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' का कार्य पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ संचालित कर रही है। यह पहल किसानों को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर उन्हें सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फार्मर आईडी पंजीकरण से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), विभिन्न सहायता अनुदान योजनाओं और फसल क्षति के वास्तविक आकलन आधारित क्षतिपूर्ति का सीधा और पारदर्शी लाभ सुनिश्चित होगा।
कृषि मंत्री ने राज्य के सभी शेष किसानों से अपील की कि वे शीघ्र अपना फार्मर आईडी पंजीकरण कराकर इस डिजिटल कृषि प्रणाली का हिस्सा बनें और सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त करें। यह कदम बिहार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।