बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में, कृषि भवन, मीठापुर, पटना परिसर में एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया। कृषि विभाग के प्रधान सचिव, श्री नर्मदेश्वर लाल ने इस सुविधा का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना और राज्य में स्वच्छ व हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। इस अवसर पर इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक सह राज्य प्रमुख, ए. के. सामंतराय भी उपस्थित थे।
प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान इस पहल को "पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा के उपयोग एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम" बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि यह स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था को भी बल प्रदान करेगा। श्री लाल ने इस पहल को राज्य सरकार की पर्यावरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दूरदर्शी सोच का प्रतीक बताया।
इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक सह राज्य प्रमुख, ए. के. सामंतराय ने इस अवसर पर कहा कि सरकारी परिसरों में ऐसी हरित अधोसंरचना के विकास से ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कदम आमजन को भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। उन्होंने इस पहल को पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।
कृषि भवन परिसर में स्थापित यह चार्जिंग स्टेशन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ आगंतुकों के लिए भी अत्यंत सुविधाजनक साबित होगा। यह सुविधा उन्हें अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को आसानी से चार्ज करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे बिहार को एक हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक सार्थक योगदान मिलेगा। यह पहल राज्य सरकार की 'हरित बिहार' संकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
इस उद्घाटन समारोह में विशेष सचिव बीरेंद्र प्रसाद यादव, शैलेन्द्र कुमार, निदेशक कृषि सौरभ सुमन यादव, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, अपर सचिव कल्पना कुमारी, मनोज कुमार सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। यह परियोजना बिहार के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और एक स्वच्छ, हरित भविष्य की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है।