तिरहुत प्रमंडल के कृषि एवं बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को लीची अनुसंधान केंद्र, मुशहरी में प्रमंडल स्तरीय बागवानी महोत्सव का भव्य उद्घाटन किया गया। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने फीता काटकर इस महोत्सव का शुभारंभ किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, गार्डनर और पुष्पप्रेमी मौजूद रहे। इस महोत्सव का मुख्य लक्ष्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है।
उद्घाटन के पश्चात, प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कृषि विभाग द्वारा लगाए गए सभी स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों, उन्नत बीजों और नई तकनीकों की विस्तृत जानकारी ली। आयुक्त ने उपस्थित किसानों से अपील की कि वे महोत्सव में उपलब्ध तकनीकी जानकारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करें। इस अवसर पर तिरहुत प्रमंडल के संयुक्त निदेशक शष्य, संयुक्त निदेशक उद्यान संजय कुमार सिन्हा, जिला उद्यान पदाधिकारी आभा कुमारी एवं वैशाली उद्यान पदाधिकारी प्रशांत कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला उद्यान पदाधिकारी आभा कुमारी ने बताया कि महोत्सव में प्रदर्शित विभिन्न वर्गों एवं शाखाओं का मूल्यांकन बुधवार को वैज्ञानिकों की एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाएगा। मूल्यांकन के उपरांत, प्रत्येक वर्ग की प्रत्येक शाखा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। विजेताओं को प्रमाणपत्र के साथ प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः ₹3000, ₹2000 एवं ₹1500 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों और बागवानों को प्रोत्साहन मिलेगा।
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने अपने संबोधन में अपने को किसान परिवार से बताते हुए अपनी पुरानी बातें व किसानों की समस्याओं पर बात की साथ ही उन्होंने कहा कि किसान और डॉक्टर को पृथ्वी पर देवता के समान बताया। उन्होंने कहा कि ये दोनों विपरीत परिस्थितियों में भी सेवाभाव की भावना रखते हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें भू-संबंधित कोई परेशानी हो, अंचल में कोई काम नहीं हो रहा हो या किसी अधिकारी द्वारा पैसे की मांग की जा रही हो, तो वे तत्काल उनसे संपर्क करें। आयुक्त ने ऐसी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए, आयुक्त ने कार्यक्रम में प्रमंडल के एक भी कृषि पदाधिकारी के उपस्थित नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। बुधवार को तिरहुत प्रमंडल के सभी कृषि पदाधिकारी को उपस्थित होने को कहा, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को खाद के साथ जबरन नैनो यूरिया खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और उनका निष्पादन एक घंटे के भीतर किया जाएगा। यह पहल किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
यह बागवानी महोत्सव न केवल किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से रूबरू कराएगा, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का एक मंच भी प्रदान करेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा।