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कृषि समाचार

पुडुचेरी में डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव को 'यंग साइंटिस्ट' और 'बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन' अवॉर्ड, विश्वविद्यालय का नाम रोशन

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 2 March, 2026 7:25 PM IST
पुडुचेरी में डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव को 'यंग साइंटिस्ट' और 'बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन' अवॉर्ड, विश्वविद्यालय का नाम रोशन

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के अंतर्गत बिहार वेटरनरी कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलन में दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त कर विश्वविद्यालय और राज्य का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि उनकी उत्कृष्ट शोध क्षमता और प्रभावशाली वैज्ञानिक प्रस्तुतीकरण का प्रमाण है।


जानकारी के अनुसार, पुडुचेरी स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एंड रिसर्च में सोसाइटी ऑफ एनिमल फिजियोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया का अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 33वां वार्षिक सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश के कई वैज्ञानिक और शोधार्थी शामिल हुए। इसी मंच पर डॉ. श्रीवास्तव को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।


सम्मेलन के दौरान, डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव को युवा वैज्ञानिकों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित “स्मृति कमला मदान मेमोरियल यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड” से नवाजा गया। यह सम्मान विज्ञान के क्षेत्र में उनके शुरुआती लेकिन प्रभावशाली योगदान को रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने वैज्ञानिक शोध के उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण, गहन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रभावी संप्रेषण कला के लिए “बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन अवॉर्ड” भी प्रदान किया गया, जो उनके अकादमिक कौशल का परिचायक है।


डॉ. श्रीवास्तव ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केवल एक प्रतिभागी के रूप में ही नहीं, बल्कि रैपोर्टियर के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न तकनीकी सत्रों का सार प्रस्तुत करने और महत्वपूर्ण चर्चाओं का प्रभावी ढंग से समन्वय करने का कार्य किया, जिससे सम्मेलन की सफलता में उनका योगदान और भी बढ़ गया।


इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह और बिहार वेटरनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल डॉ. श्रीवास्तव के व्यक्तिगत समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध क्षमता का भी स्पष्ट प्रमाण है, जो वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। डॉ. आनंदिता श्रीवास्तव की यह उपलब्धि बिहार के शैक्षणिक और वैज्ञानिक परिदृश्य के लिए एक प्रेरणा है, जो युवा शोधकर्ताओं को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित करेगी।