प्रतिदिन 2000 निबंधन का लक्ष्य निर्धारित; डीएम ने शिथिलता बरतने वाले प्रखंडों को दी कड़ी नसीहत
मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर पहल कर रहा है। इसी क्रम में, जिला पदाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में किसानों के निबंधन और ई-केवाईसी की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्य सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों के निबंधन और ई-केवाईसी की गति को तेज करने के लिए 2 फरवरी से 6 फरवरी तक जिले में विशेष महा-अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सभी अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी को दी गई है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान सभी प्रखंड 'कैंप मोड' में कार्य करते हुए प्रत्येक गांव के अधिकतम किसानों का निबंधन करना सुनिश्चित करें।
गांव-गांव पहुंचेगी जागरूकता
डीएम ने सभी कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक गांव में किसानों के बीच इस विशेष अभियान की व्यापक जानकारी दें। किसानों को वसुधा केंद्र, सीएससी अथवा पंचायत भवन में आयोजित शिविरों में शामिल होकर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी कराने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और किसान चाहें तो Click पोर्टल पर जाकर घर बैठे भी स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
समीक्षा बैठक में पाया गया कि वर्तमान में जिले में कुल 1,56,131 किसानों का निबंधन तथा 3,21,462 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। प्रखंडवार प्रदर्शन के आधार पर पारु, कुढ़नी, मीनापुर, बरूराज एवं सरैया प्रखंडों का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। वहीं दूसरी ओर मुरौल, बंदरा, मुसहरी, साहेबगंज, कांटी एवं कटरा जैसे प्रखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया।
न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले इन प्रखंडों को जिलाधिकारी ने कड़ी हिदायत देते हुए तुरंत सक्रियता और तत्परता से कार्य करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में हर गांव में विशेष कैंप लगाकर निबंधन सुनिश्चित किया जाए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर विशेष फोकस करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अंचलों को स्पष्ट टास्क दिया है। अभियान अवधि के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित किसानों में से कम से कम 50 प्रतिशत किसानों का निबंधन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए प्रतिदिन न्यूनतम 2000 निबंधन करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
आपको बता दें कि निबंधन और ई-केवाईसी किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, बीज अनुदान और उर्वरक सब्सिडी जैसी योजनाओं का सीधा लाभ बैंक खाते में प्राप्त होता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
डीएम ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें और स्वयं भी निकटतम कैंप स्थल, वसुधा केंद्र अथवा सीएससी पर जाकर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी अवश्य करा लें। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों को प्रशस्ति पत्र और नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वाले अंचलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।