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कृषि समाचार

किसानों को बड़ी राहत: एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री सेवा अब कॉमन सर्विस सेंटर पर पूरी तरह निःशुल्क, 2 फरवरी से मिशन मोड में चलेगा कार्य

AgriPress Staff AgriPress Staff
Updated 30 January, 2026 10:32 PM IST
किसानों को बड़ी राहत: एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री सेवा अब कॉमन सर्विस सेंटर पर पूरी तरह निःशुल्क, 2 फरवरी से मिशन मोड में चलेगा कार्य

एग्रीस्टैक में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव के सख्त निर्देश; लक्ष्य हासिल करने वाले जिलों को डेढ़ लाख रुपये तक का पुरस्कार


बिहार में कृषि के डिजिटलीकरण और किसानों को योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) परियोजना की प्रगति को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य सचिव ने कार्यों में तेजी लाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।


किसानों को सबसे बड़ी राहत यह मिली है कि अब फार्मर रजिस्ट्री के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वसुधा केंद्रों पर किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। विशेष रूप से, पहले ली जाने वाली 15 रुपये की सेवा शुल्क को अब संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे किसानों को यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क मिलेगी।


आपको बता दें कि एग्रीस्टैक के कार्यों में तेजी लाने और इसे जल्द से जल्द दूसरे चरण में ले जाने के उद्देश्य से 2 फरवरी से 6 फरवरी तक राज्य भर में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य संचालित किया जाएगा।


मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े राज्य के सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो जिले पीएम किसान योजना से लाभान्वित किसानों का 50% रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य पूरा करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा 1.5 लाख रुपये की राशि देकर पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, जिन जिलों के लिए 35% रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उन्हें यह लक्ष्य पूरा करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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बैठक के दौरान कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक रैयत किसान की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से तैयार की जाए। यह पहल किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।


राज्य में मिशन मोड में किए जा रहे इस प्रभावी और सुव्यवस्थित कार्य की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है। 28 जनवरी को नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में बिहार सरकार द्वारा संचालित फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों को एक मॉडल के रूप में अन्य राज्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था।


मुख्य सचिव ने संतोषजनक प्रगति वाले जिलों, जिनमें वैशाली, शिवहर, बेगूसराय, बक्सर, शेखपुरा और कटिहार शामिल हैं, के बेहतर प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना की और उन्हें बधाई दी।

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