मंगलवार को विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मुजफ्फरपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक खाद दुकान के मालिक से लाइसेंस रद्द करने की धमकी देकर रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत के बाद की गई।
एसवीयू कार्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, एक खाद दुकानदार को उसके लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही थी। आरोप था कि अधिकारी हिमांशु कुमार अपने ड्राइवर रामबाबू राय के माध्यम से इस काम के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, विशेष निगरानी इकाई की टीम ने तत्काल मामले की गुप्त जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसवीयू ने भ्रष्ट अधिकारी और उसके ड्राइवर को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। पुलिस उपाधीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद और पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। योजना के अनुसार, टीम ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर में दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान, दोनों आरोपितों – अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और ड्राइवर रामबाबू राय – को रिश्वत की तय रकम 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई। इस मामले में विशेष निगरानी इकाई थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस भ्रष्टाचार रैकेट के अन्य संभावित पहलुओं और जुड़े हुए व्यक्तियों का खुलासा हो सके। एसवीयू के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के आगे भी जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।