बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आज राजधानी पटना स्थित सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य की कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कृषि को सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सरकार का स्पष्ट संकल्प है – “कृषि को लाभकारी, आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाना।” उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाना तथा उनकी आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू कृषि रोड मैप के माध्यम से बीज, उर्वरक, सिंचाई सुविधाएँ, आधुनिक कृषि यंत्र, डिजिटल सेवाएँ एवं विभिन्न सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुँचाया गया है।
यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानती है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए टिकाऊ एवं स्मार्ट खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, बेहतर बाजार व्यवस्था एवं कृषि आधारित उद्यमिता को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाने के लिए डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) और डिजिटल प्रणाली को मजबूत किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। मंत्री ने मीडिया से अपील की कि वे सरकार और किसानों के बीच एक सशक्त सेतु का काम करें और योजनाओं की सही जानकारी गाँव-गाँव तक पहुँचाएँ। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद विभाग प्रत्येक जिले में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों के साथ संवाद करेगा।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने अपने संबोधन में कृषि रोड मैप की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि बिहार को ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ के माध्यम से राष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने फसल उत्पादन एवं उत्पादकता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि तथा डिजिटल कृषि पहलों के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से परंपरागत फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली, कम अवधि में बेहतर प्रतिफल देने वाली एवं बाजार की मांग के अनुरूप फसलों की खेती की ओर भी अग्रसर होने का आग्रह किया।
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि बीते वर्षों में धान, गेहूं एवं मक्का के उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन वृद्धि के लिए विशेष रणनीति पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और वितरण से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार ने क्लस्टर आधारित खेती, कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों और कोल्ड चेन अवसंरचना के विकास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मखाना उत्पादन को सशक्त बनाने के लिए आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन शीघ्र ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। विपणन निदेशालय के निदेशक श्री शैलेन्द्र कुमार ने बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और e-NAM पोर्टल से जोड़ने की जानकारी दी, जिससे किसानों को देशव्यापी बाजार तक सीधी पहुँच मिल रही है।
इस विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से सरकार ने “समृद्ध किसान — विकसित बिहार” के अपने लक्ष्य को दोहराया और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।